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समस्तीपुर में जिला पदाधिकारी द्वारा मंडल कारा में बंदी दरबार का आयोजन, बंदियों की समस्याओं पर हुई चर्चा

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समस्तीपुर। 18 मार्च 2026 को समस्तीपुर के मंडल कारा में एक महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें श्री रोशन कुशवाहा (भा०प्र०से०), जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर ने बंदियों के हित में ‘बंदी दरबार’ का आयोजन किया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी का स्वागत सुरक्षा कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और महत्व और बढ़ गया।
जिला पदाधिकारी के आगमन के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत कारा कर्मियों के लिए नव स्थापित ओपेन जिम के उद्घाटन से किया गया। यह जिम कारा कर्मियों के शारीरिक स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है। श्री कुशवाहा ने ओपेन जिम का विधिवत उद्घाटन किया और सुरक्षा कर्मियों को इसका लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित किया।
ओपेन जिम के उद्घाटन के पश्चात जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बंदी दरबार का आयोजन किया गया। इस बंदी दरबार में पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर की ओर से पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) श्री नरेन्द्र शर्मा, काराधीक्षक श्री प्रशान्त कुमार ओझा, प्रभारी उपाधीक्षक श्री मनोज कुमार सिंह, सहायक अधीक्षक श्रीमती प्रेरणा पटेल, श्रीमती कंचन कुमारी और अन्य कारा कर्मी उपस्थित रहे। साथ ही कारा में बंदी जीवन व्यतीत कर रहे बंदियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम का औपचारिक स्वागत करते हुए काराधीक्षक श्री प्रशान्त कुमार ओझा ने जिला पदाधिकारी को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद जिला पदाधिकारी ने बंदियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को जानने का प्रयास किया। बंदियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर साझा किया।
मुख्य समस्याओं में कारा परिसर में विद्युत आपूर्ति की बाधा, पानी की उपलब्धता और गर्मी से बचाव के उपाय शामिल थे। बंदियों ने 6 चापाकल लगवाने और वाटर कूलर की व्यवस्था करने हेतु लिखित आवेदन भी प्रस्तुत किए। जिला पदाधिकारी ने उनके आवेदन को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि बंदियों की भलाई के लिए चापाकल और वाटर कूलर यथाशीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा विद्युत आपूर्ति के लिए सोलर उपकरण लगाने और नए जनरेटर खरीदने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने की बात भी उन्होंने सुनिश्चित की।
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से बताया कि बंदियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने काराधीक्षक को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग से आवश्यक पत्राचार शीघ्र करें और बंदियों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। कुछ बंदियों ने व्यक्तिगत पारिवारिक और जमीनी मामलों के समाधान हेतु भी आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका निवारण भी अधिकारीगण करेंगे।
बंदी दरबार में श्री कुशवाहा ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारा की व्यवस्थाओं में सुधार की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे नकारात्मक सोच से ऊपर उठकर रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें। विशेष रूप से कारा में चल रही मिथिला पेंटिंग प्रशिक्षण, शैक्षणिक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षणों में बढ़-चढ़कर सम्मिलित हों। इससे न केवल उनकी रचनात्मक प्रतिभा विकसित होगी, बल्कि उन्हें कारामुक्त होने के पश्चात आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि बंदियों के लिए प्रशिक्षण और शिक्षा केवल उनके कैद जीवन को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें समाज में पुनः स्वीकार्य और स्वरोजगार के योग्य बनाने का माध्यम है। उन्होंने बंदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षणों में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया, ताकि वे कारा से बाहर निकलने के बाद अपने जीवन में स्थिर और स्वतंत्र बन सकें।
बंदी दरबार के दौरान कई बंदियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। उन्होंने कारा परिसर में सुविधाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला पदाधिकारी ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि बंदियों की भलाई और विकास की दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समापन के अवसर पर काराधीक्षक ने जिला पदाधिकारी को मिथिला पेंटिंग की प्रतीक चिन्ह भेंट की, जो बंदियों की कलात्मक प्रतिभा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सफलता का प्रतीक है। इस प्रतीक चिन्ह के आदान-प्रदान के साथ ही बंदी दरबार का औपचारिक समापन हुआ।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि समस्तीपुर प्रशासन बंदियों के हित और उनके सामाजिक पुनर्वास के प्रति गंभीर है। जिला पदाधिकारी ने इस दौरान स्पष्ट किया कि कारा में बंदियों की समस्याओं को न्यूनतम करने और उनकी रचनात्मक एवं व्यावसायिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार रही:
जिला पदाधिकारी का कारा में आगमन और सुरक्षा कर्मियों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर।
मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत नव स्थापित ओपेन जिम का उद्घाटन।
बंदियों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं पर विचार-विमर्श।
विद्युत आपूर्ति, पानी की उपलब्धता और गर्मी से बचाव के लिए तत्काल उपायों की योजना।
बंदियों के लिए व्यवसायिक और शैक्षणिक प्रशिक्षणों में भागीदारी की प्रेरणा।
मिथिला पेंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रतीक चिन्ह भेंट और बंदी दरबार का समापन।
इस प्रकार, 18 मार्च 2026 का यह बंदी दरबार समस्तीपुर मंडल कारा में बंदियों के अधिकारों और उनकी भलाई के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गया। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन बंदियों की समस्याओं के समाधान, उनकी शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भर बनने के अवसरों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

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